पाकिस्तानी सेना ने 8 मई की रात 8 बजे के बाद अचानक भारत में जम्मू कश्मीर से लेकर पठानकोट, जैसलमेर, अमृतसर, भुज समेत भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के तमाम शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। इसमें मुख्य टारगेट ही जम्मू था। जम्मू में कथित तौर पर पाकिस्तान ने 50 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन अटैक किए थे, जिन्हें भारतीय सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया था।
जब-जब जम्मू में हमला बोला, तब-तब भारत ने उसे नाकाम किया। इस दौरान पूरे जम्मू में ब्लैक आउट रहा था। इसके बाद स्थिति नॉर्मल हो गई थी। वहीं सुबह एक बार फिर पाकिस्तान ने सुबह जम्मू को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन उसके सारे हमले विफल ही साबित हुए।
पाकिस्तान सेना द्वारा शहर को निशाना बनाकर किए गए पहले बड़े हमले के कुछ ही घंटों बाद शुक्रवार को तड़के करीब 3.50 बजे सीमा पार से फिर हमला किया गया था। एयर डिफेंस सिस्टम सेकेंडों में एक्टिव हुआ और जम्मू में ब्लैकआउट हो गया था। यह हमला हुआ, जिसके बाद भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय होना पड़ा और एक बार फिर पूर्ण ब्लैकआउट की शुरुआत हो गई।
सुबह 4.45 बजे तक रुक-रुक कर धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं और हर बार सायरन बजता रहा। सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने एक बयान में कहा गया, “पाकिस्तान सशस्त्र बलों ने 8 और 9 मई 2025 की मध्य रात्रि को पूरे पश्चिमी सीमा पर ड्रोन और अन्य हथियारों का उपयोग करके कई हमले किए। पाक सैनिकों ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर कई बार संघर्ष विराम उल्लंघन (सीएफवी) का भी सहारा लिया।”